लाल डोरा प्रॉपर्टी क्या है? “लाल डोरा” एक ऐसा शब्द है जिसे आप अक्सर दिल्ली और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुनते होंगे।
यह शब्द पहली बार 1908 में ब्रिटिश सरकार के समय इस्तेमाल किया गया था।
जमीन का उपयोग पशुपालन और गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए किया जाता है। पहले यह लाल डोरा दिल्ली और उसके आसपास के गांव में शुरू किया गया था लेकिन बाद में हरियाणा और पंजाब में भी इसको शुरू कर दिया गया। लाल डोरा के तहत आने वाली प्रॉपर्टी को शहर की कोई भी अथॉरिटी रजिस्टर नहीं कर सकती है।
यही कारण है कि भारत सरकार एक लाल डोरा सर्टिफिकेट जारी करती है और प्रॉपर्टी का मालिकाना हक प्रूफ के रूप में देती है। आपको बता दे कि ऐसी प्रॉपर्टीज रजिस्ट्री तो होती ही नहीं है और साथ ही साथ कोई बैंक लोन भी नहीं देता है। आपको बता दे कि यह लाल डोरा सिस्टम खासकर दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में लागू था। बाद में इस प्रथा को बंद कर दिया गया लेकिन आज भी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में बहुत जगह ऐसी प्रॉपर्टीज हैं जो लाल डोरा के तहत आती हैं।
लाल डोरा प्रॉपर्टी की पहचान कैसे करें?
- ये ज़मीन आमतौर पर रूरल एरिया (गांव) में होती है
- इस ज़मीन पर बनी प्रॉपर्टी के पास अक्सर कोई म्युनिसिपल अप्रूवल या नक्शा पास नहीं होता
- ये ज़मीन सरकार द्वारा “लाल लाइन” से चिन्हित की जाती है — इसी से नाम पड़ा “लाल डोरा”
दिल्ली में लाल डोरा इलाकों कौन-कौन से है?
हौज खास गांव, बसंत गांव, खेल गांव, मुनिरका, खिड़की एक्सटेंशन, कोंडली, त्रिलोकपुरी, नेताजी सुभाष विहार, कड़कड़डूमा गांव, नवादा, नरेला गांव, गोपाल पुर, रोहिणी, महावीर एन्कलेव पार्ट 1, द्वारका के पास गणेश नगर, वेस्ट दिल्ली पौससंगपुर, वीरेन्द्र नगर, महावीर एनक्लेव, असलतपुर, किशन गढ़, छतरपुर, संत नगर और कोटला गांव आदि दिल्ली में मौजूद कुछ मशहूर लाल डोरा इलाके है।
क्या लाल डोरा प्रॉपर्टी कानूनी है?
लाल डोरा प्रॉपर्टी को अपूर्ण/अनधिकृत (unauthorized) माना जाता है लेकिन गांवों में यह पारंपरिक रूप से मान्य रही है।
हालांकि अब सरकारें इसको नियमित करने की कोशिश कर रही हैं।
जैसे कि दिल्ली सरकार ने PM-UDAY योजना शुरू की है, जिसमें लाल डोरा की प्रॉपर्टी को वैध किया जा रहा है।
क्या लाल डोरा प्रॉपर्टी पर लोन मिल सकता है?
ज़्यादातर मामलों में बैंक लाल डोरा प्रॉपर्टी पर लोन नहीं देते, क्योंकि इनके पास proper registry या municipal approval नहीं होता।
लेकिन अगर आपकी लाल डोरा प्रॉपर्टी को PM-UDAY जैसी योजना के तहत वैध करवा लिया जाए, तो कुछ बैंकों से loan मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
दिल्ली में लाल डोरा प्रमाणपत्र कैसे लें?
एक शख्स जो भारतीय नागरिक है और दिल्ली में स्थायी निवाशी है। इसके अलावा, दिल्ली के लाल डोरा क्षेत्र में उसकी ज़मीन/घर हो। आप सर्टिफिकेट के लिए सिटीजन सर्विस सेंटर (CSC) या तहसीलदार कार्यालय जाकर आवेदन कर सकते हैं।
लाल डोरा सर्टिफिकेट लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज़
लाल डोरा सर्टिफिकेट पाने के लिए आवश्यक दस्तावेज नीचे दिए गए हैं:
आधार संख्या/कार्ड
पैन कार्ड
मतदाता पहचान पत्र
राशन कार्ड के साथ तस्वीर
ड्राइविंग अधिकार पत्र
रेंट एग्रीमेंट (पंजीकृत)
बैंक पासबुक
बिजली का खर्च
जल का शुल्क
टेलीफोन का बिल (लैंडलाइन या पोस्ट-पेड)
गैस का खर्च
लाल डोरा प्रॉपर्टी खरीदते समय सावधानियां
- प्रॉपर्टी के सारे कानूनी दस्तावेज जांचें
- PM-UDAY या अन्य सरकारी योजना के तहत उसका status जानें
- अगर आप resale कर रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि buyer को जानकारी हो कि ये लाल डोरा property है
- अगर possible हो, तो registry करवा कर secure ownership लें
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